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योग्यता चपरासी की और बना दिया लिपिक, 5 साल तक करता रहा नौकरी

बांदे लैंप्स में धान का रकबा बढ़ाते 8 लाख का फर्जीवाड़ा करने वाले खरीदी केंद्र प्रभारी तथा लेखापाल को निलंबित करने के बाद नया खुलासा हुआ है। निलंबित लेखापाल के नियुक्ति के समय प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो पता चला जब उसे लिपिक के रूप में नियुक्त किया गया तब वह केवल आठवीं पास था जबकि लिपिक बनने न्यूनतम योग्यता 12वीं पास थी। लैम्पस में चपरासी बनने न्यूनतम आठवीं पास होना जरूरी है।

अब इस नए खुलासे के बाद निलंबित लेखापाल को बर्खास्त करने के साथ ही उसे नियुक्त करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठने लगी है। खरीदी शुरू होने के पहले ही दिन बांदे लैम्पस में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। यहां पदस्थ लेखापाल तथा खरीदी केंद्र प्रभारी ने स्वयं की भूमि का रकबा बढ़ाकर अपलोड करते शासन को 8 लाख का चूना लगाने षडय़ंत्र किया था।

कड़ी जांच के चलते मामला उजागर हो गया जिसके बाद लेखापाल के अलावा वहां पदस्थ महिला कंप्यूटर आपरेटर को निलंबित कर दिया गया था। यही नहीं मामले में एफआईआर भी दर्ज कराते चार सौ बीसी का मामला दर्ज किया गया। निलंबित लेखापाल के नियुक्ति के समय प्रमाण पत्रों की जांच में और भी बड़ा खुलासा हुआ जिससे स्पष्ट है कि लैंप्स में भ्रष्टाचार में ऊपर से लेकर नीचे तक सभी अधिकारी कर्मचारियों की संलिप्तता रही है।

बीकाॅम सर्टिफिकेट का जुगाड़ कर हुआ पदोन्नत और बन गया लेखापाल

लेखापाल सुब्रत मल्लिक को वर्ष 2002 में बांदे लैंप्स में सेल्समैन के रूप में नियुक्त किया गया। 2007 में लैंप्स का नया सेटअप आया तो नए सिरे से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। संचालक सदस्यों और प्रबंधकों ने नियमों को दरकिनार करते सेल्समेन मल्लिक को लिपिक नियुक्त कर दिया जबकि नियम में स्पष्ट था कि लिपिक पद के लिए 12वीं उत्तीर्ण और कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य है।

जब मल्लिक को लिपिक नियुक्त किया गया तब उसकी योग्यता केवल आठवीं उत्तीर्ण थी। पांच सालों तक आठवीं पास लिपिक के रूप में काम भी करता रहा। लेखापाल बनने में मल्लिक की योग्यता बड़ी बाधा थी क्योंकि इसके लिए स्नातक होना जरूरी था।

नियुक्ति के पांच वर्ष बाद 2012 में मल्लिक ने गुवाहटी असम के नार्थ इस्ट नेशनल बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन का सर्टिफिकेट जमा कर दिया। इस सर्टिफिकेट के सहारे बीकाॅम सर्टिफिकेट का जुगाड़ कर पदोन्नत होकर लेखापाल बन गया। लेखापाल के साथ साथ मल्लिक को धान खरीदी केंद्र का प्रभारी बना दिया।

संचालक मंडल सदस्य ही जिमेदार

लेपस प्रबंधक आरडी मानिक ने कहा नियुक्ति संचालक मंडल सदस्यों के प्रस्ताव के आधार पर दी गई है। इसके लिए संचालक मंडल सदस्य ही जिम्मेदार है।

जांच के साथ बर्खास्त करने की भी मांग

भाजपा के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष असीम राय, बांदे मंडल प्रभारी मोनिका साहा, प्रीतपाल सिंह ने कहा उक्त लिपिक को बर्खास्त किया जाए। बिना योग्यता के ही लिपिक पदस्थ करने के मामले की उच्चस्तरीय जांच करते बाद में जमा किए गए 12वीं तथा कालेज के सर्टिफिकेटों की भी जांच की जाए। साथ ही उसे नियुक्त करने वालों के खिलाफ की कार्रवाई की जाए।



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