कोरोना मरीज का आयुष्मान कार्ड बनेगा, कार्ड से होगा कोरोना का इलाज
कोरोना से पीड़ित हर मरीज का आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बनाया जाएगा। पहले चरण की योजना बना ली गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोविड हॉस्पिटल से लेकर अन्य हॉस्पिटल में इलाज कराने वाले लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। अब तक 2900 लोगों की जानकारी मिल गई है। इन सभी के कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत बनाए जाने वाले कार्ड के लिए राशन कार्ड का होना अनिवार्य है।
छूटे हुए लोगों का कार्ड मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सहयोग लेकर किया जाएगा। आयुष्मान में कोरोना का इलाज कराने वाले मरीजों में एपीएल को 50 हजार और बीपीएल को 5 लाख के इलाज की सुविधा दी गई है। सीएमएचओ आर के चर्तुवेदी ने कहा योजना को लेकर काम शुरू कर दिया है। हर कोरोेना मरीज का आयुष्मान कार्ड बने इसके लिए सभी बीएमआे को आदेश जारी किया जा रहा है।
ये हैं कोरोना के इलाज की तय दरें
- 1800 रुपए - जनरल वार्ड (आइसोलेशन) में संक्रमित पर प्रति बेड प्रति दिन
- 3600रुपए - आईसीयू में भर्ती संक्रमित मरीज पर प्रतिदिन प्रति बेड
- 2700 रुपए - हाईडिपेन्सी यूनिट में भर्ती संक्रमित पर प्रतिदिन
- 4500रुपए - वेंटीलेटर पर भर्ती संक्रमित मरीज पर रोजाना
हर कोरोना मरीज को लाभ देने की कोशिश
आयुष्मान योजना प्रभारी पृथ्वी साहू ने बताया कि संचालनालय से यह आदेश सोमवार को मिला है। जिसके बाद योजना का लाभ हर कोरोना पीड़ित मरीज को दिलाने की कोशिश शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि बस्तर जिले में प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना का इलाज कराने के लिए केवल एक प्राइवेट हॉस्पिटल से अनुबंध किया गया था, लेकिन यहां पर इलाज कराने के लिए काफी पैसे खर्च होने के चलते लोग नहीं पहुंच पा रहे थे। अब मुफ्त में इलाज की सुविधा मिलने से लोगों को फायदा होगा।
बिना कार्ड के हॉस्पिटल में नहीं होगा इलाज
आदेश के मुताबिक आयुष्मान कार्डधारक अगर कोरोना की चपेट में आता हैं तो तय दर के हिसाब से इलाज के लिए अस्पताल को भुगतान किया जाएगा। यह योजना प्रवासी श्रमिकों और कामगारों पर भी लागू होती है। शर्त बस इतनी होगी कि उनके पास आयुष्मान कार्ड होना जरूरी होगा। आयुष्मान कार्ड धारकों को कोरोना टेस्टिंग के लिए 2500 रुपए दिए जाएंगे। अगर योजना के तहत लाभार्थी का कार्ड नहीं बना है तो आरोग्य मित्र की मदद से कार्ड बनवाकर इलाज लिया जा सकता है।
मेकॉज ने 50 मरीजों का कार्ड से इलाज किया
कोरोना संक्रमित मरीजों को अब प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए घबराने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। अब उन्हें और बेहतर इलाज मिलेगा। दरअसल आयुष्मान भारत योजना के कार्डधारक अगर कोरोना पॉजिटिव म हैं तो वह सरकारी और तय प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त में इलाज ले सकते हैं। इस सुविधा के तहत जहां मेकॉज में 50 मरीजों का इलाज कर दिया गया है वहीं शहर के एमपीएम हॉस्पिटल में अब मरीजों का इलाज इस योजना के तहत किया जाएगा। लोगों को इस योजना का लाभ देने के लिए इस योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
बैंकों में 540 की कोरोना जांच, एक ही पॉजिटिव
शहर के अनुकूल देव वार्ड को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। यहां कोरोना संक्रमण काल से लेकर अब तक 25 लोग पॉजिटिव मिल चुके हैं। ऐसे में अब इस वार्ड में सघन कोरोना जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा मंगलवार को भी शहर के अलग-अलग बैंकों में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब पांच बैंकों में 540 लोगों की जांच की गई, जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति ही कोरोना पॉजिटिव मिला। शहर से लगे पल्ली नाका धान खरीदी केंद्र में मंगलवार को धान बेचने के लिए पहुंचे किसानों ने जागरूकता का परिचय देते हुए कोरोना की जांच कराई। करीब दो घंटे तक 50 लोगों की जांच की गई, जिसमें एक भी किसान या उसके परिवार का एक भी सदस्य कोरोना पाॅजिटिव नहीं पाया गया। खरीदी प्रभारी संतोष गुप्ता ने कहा हर धान खरीदी केंद्र में धान बेचने आए किसानों की कोरोना जांच कराने के निर्देश मिले हैं, जिसके चलते ही यह जांच कराई जा रही है। किसान भी जागरूकता का परिचय देते हुए इस जांच में सहयोग कर रहे हैं।
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