अंजली को लगा पहला डमी टीका, घबराहट से अलिमा हुई बेहोश तो एंबुलेंस बुलाकर ले गए जिला अस्पताल
शहर के सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में कोविड-19 का टीका लगाने का मॉक ड्रिल गुरुवार को किया गया। टीका लगाने के दौरान या टीका लगने के बाद यदि कोई परेशानी आती है तो उससे कैसे निपटा जाए इसे जानने की कोशिश की गई। ट्रायल में सभी चीजें सुचारू रूप से संचालित हुईं। जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में कोविड टीकाकरण का अभ्यास किया गया।
शहर के इंग्लिश मीडियम स्कूल में वैक्सीन लगाने के लिए तीन कक्षों का चयन किया गया था। भवन के बाहर एक गार्ड मौजूद था। जिसने सभी हेल्थ वर्करों का गेट पर ही थर्मल स्कैनर से टेम्प्रेचर मापा और इसके बाद ही भीतर जाने दिया। पहला डमी टीका एएनएम अंजली प्रजापति को लगा। इसके बाद अंजली भगत ने टीका लगवाया। इसके बाद अलिमा को टीका लगा। टीका लगने के बाद तीनों ही ऑब्जर्वेशन रूम में बैठे थे। जिसमें अलिमा को घबराहट होने लगी। उसे कुछ देर तक बेड पर लिटाया गया और यहां मौजूद डॉक्टर ने उसका प्राथमिक उपचार किया। पर घबराहट के चलते सांस लेने में हो रही परेशानी काे देखते हुए डमी ट्रायल में 102 को कॉल किया गया। ट्रायल के वक्त एंबुलेंस परिसर में ही था और तत्काल अलिमा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस ट्रायल से यह पता चला कि यदि टीका लगने के बाद किसी की तबियत बिगड़ती है तो उसे कितनी देर में अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था है।
इंग्लिश मीडियम स्कूल के अलावा कुनकुरी के कन्या शाला और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कस्तूरा में भी डमी ट्रायल किया गया। इस दौरान कलेक्टर महादेव कावरे, जिपं सीईओ केएस मंडावी, डिप्टी कलेक्टर आंकाक्षा त्रिपाठी, सीएमएचओ डॉ.पी सुथार सहित अन्य उपस्थित थे।
टीका देेने से पहले और बाद के लिए यह इंतजाम
- टीकाकरण केन्द्र के बाहर सुरक्षाकर्मी मौजूद था, जिसके पास थर्मल स्कैनर था।
- अब हितग्राही हेल्थ वर्कर टीकाकरण दल के कर्मचारी क्रमांक 1 के पास जाकर अपनी आईडी चेक कराता है।
- आईडी चेक करने के बाद हितग्राही को वेटिंग रूम में बिठाया जाता है।
- अब हितग्राही हेल्थ वर्कर टीकाकरण कक्ष में जाता है। जहां कर्मचारी नंबर 1 के द्वारा कोविन एप में हितग्राही का नाम चढ़ाया जाता है, यहां हितग्राही को 4 संदेश दिए जाते हैंै।
- टीका लगने के बाद हितग्राही वापस कर्मचारी नंबर 1 के जाता है और बताता है कि उसे टीका लग गया है, फिर टेप में ओके दबा दिया जाता है ।
- इसके बाद हितग्राही को अब्जर्वेशन कक्ष में भेजा जाता है। जहां सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए बैठने व लेटने की व्यवस्था है। आधे घंटे तक टीका लेने वाले को रोका जाता है।
- ऑब्जर्वेशन कक्ष में यदि किसी को टीके का रिएक्शन होता है तो वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा तत्काल इंजेक्शन दिया जाता है।
12 हजार 529 हेल्थ वर्करों को पहले लगेगा टीका
जिले में सबसे पहले 12 हजार 529 हेल्थ वर्करों को टीका लगाया जाएगा। संभावना है कि जिले में भी मकर संक्रांति के बाद से टीकाकरण शुरू हो जाए। इसका डमी ट्रायल गुरुवार को कर लिया गया है। जिले में टीका सुरक्षित रखने के लिए 28 कोल्ड चैन स्टोरेज बनाए गए हैं। टीके को 2 डिग्री तापमान में सुरक्षित रखा जा सकता है। 4 नए फ्रीज जिले में पहुंचे हैं। पहले चरण में टीकाकरण के लिए 24 टीकाकरण केन्द्र बनाए गए हैं।
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